नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की अटकलों के बीच दिल्ली में करीब 20 सांसदों की गतिविधियों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ सांसदों को चाय पर मुलाकात के लिए बुलाया है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ओर से इस मुलाकात या संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सांसदों के साथ चर्चा कर चुके हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ताजा चाय का निमंत्रण किन सांसदों को भेजा गया था और बैठक का वास्तविक एजेंडा क्या था। ऐसे में सांसदों के बुलावे को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
कैबिनेट फेरबदल की अटकलों ने पकड़ा जोर
केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चाएं ऐसे समय तेज हुई हैं, जब भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम का ऐलान हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से चार दिवसीय विदेश यात्रा पर रवाना होने वाले हैं। इस दौरान वह पहले उज्बेकिस्तान जाएंगे और इसके बाद किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
17 अगस्त को घोषित हुई भाजपा की नई टीम
भाजपा ने 17 अगस्त को अध्यक्ष नितिन नवीन की अगुवाई में अपनी नई टीम का ऐलान किया था। पार्टी के नए 65 पदाधिकारियों में 51 नए चेहरे शामिल हैं। इनमें छह पदाधिकारी 40 वर्ष से कम उम्र के हैं, जबकि 15 की उम्र 40 से 49 वर्ष और 21 की उम्र 50 से 59 वर्ष के बीच है।
पार्टी के अनुसार, नई टीम में 12 महिलाएं और अल्पसंख्यक समुदाय से छह नेता शामिल हैं। भाजपा ने इस बदलाव को 2029 तक होने वाले विधानसभा चुनावों और अगले लोकसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा है। नई टीम के गठन के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चाओं ने भी जोर पकड़ लिया।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को संगठन में मिली अहम जिम्मेदारी
नई संगठनात्मक टीम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। वह नई टीम में शामिल किए गए एकमात्र केंद्रीय मंत्री हैं। खास बात यह है कि उनके पिता वेद प्रकाश गोयल भी अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे थे और लंबे समय तक भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
2015 के बाद संगठन में बड़ा बदलाव
यह संगठनात्मक बदलाव वर्ष 2015 में अमित शाह के भाजपा अध्यक्ष रहते हुए किए गए बड़े बदलाव के एक दशक से ज्यादा समय बाद हुआ है। नई टीम में कुछ ऐसे नेताओं को भी अहम जिम्मेदारियां मिली हैं, जिनका राजनीतिक कद पिछले कुछ समय में कम हुआ था और अब उन्हें संगठन में वापसी का मौका मिला है।
इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और राम माधव का नाम भी शामिल है। स्मृति ईरानी 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार गई थीं। वहीं, सितंबर 2020 में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की नई टीम के गठन के दौरान राम माधव को राष्ट्रीय महासचिव के पद से हटा दिया गया था।
चाय पर मुलाकात को लेकर अभी सिर्फ अटकलें
फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी के सांसदों के साथ संभावित चाय कार्यक्रम को लेकर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि यह मुलाकात सामान्य राजनीतिक संवाद का हिस्सा है या इसका संबंध संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल फेरबदल से है। प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा से पहले सांसदों के साथ संभावित बैठक ने हालांकि राजनीतिक चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।
